हिमाचल प्रदेश: ई-टैक्सी के लिए अब 10वीं पास वालों को सात साल का ड्राइविंग एक्सपीरियंस जरूरी

हिमाचल प्रदेश: ई-टैक्सी के लिए अब 10वीं पास वालों को भी सात साल का ड्राइविंग एक्सपीरियंस जरूरी
हिमाचल प्रदेश: ई-टैक्सी के लिए अब 10वीं पास वालों को भी सात साल का ड्राइविंग एक्सपीरियंस जरूरी

धर्मशाला, 28 दिसंबर 2023: हिमाचल प्रदेश सरकार ने राजीव गांधी स्वरोजगार योजना के तहत विभागों में हायरिंग आधार पर लगाई जाने वाली ई-टैक्सी के लिए पात्रता नियम में बदलाव किया है। परिवहन विभाग ने जारी अधिसूचना के अनुसार अब 10वीं पास युवाओं को भी ई-टैक्सी के लिए आवेदन करने के लिए कम से कम सात साल का ड्राइविंग एक्सपीरियंस होना जरूरी होगा। इससे पहले दसवीं पास युवाओं के लिए यह शर्त दस साल का ड्राइविंग एक्सपीरियंस थी।

नए नियमों के अनुसार ई-टैक्सी के लिए सिर्फ बोनाफाइड हिमाचली ही आवेदन कर सकता है। आवेदक की आयु कम से कम 23 साल होना जरूरी है। एक परिवार में सिर्फ एक ही व्यक्ति को आवेदन करने की अनुमति होगी। यदि आवेदक जमा दो पास है, तो उसके पास सात साल का ड्राइविंग एक्सपीरियंस होना जरूरी है। यदि आवेदक दसवीं पास नही है, तो ड्राइविंग एक्सपीरियंस दस साल का चाहिए।

उसके पास वैलिड ड्राइविंग लाइसेंस के अलावा आधार कार्ड और बेरोजगारी का प्रमाण पत्र भी होना जरूरी है। यदि किसी आरक्षित वर्ग से है तो इसका सर्टिफिकेट अलग से चाहिए।

परिवहन सचिव ने इससे पहले 30 नवंबर, 2023 को जारी किए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर में अब बदलाव किया है। गौरतलब है कि ई टैक्सी स्कीम के लिए परिवहन विभाग ने आवेदन की जो विंडो निकाली थी, उसमें 600 से ज्यादा युवाओं ने इसके लिए आवेदन किया था। वर्तमान में करीब 111 सरकारी महकमें ई-टैक्सी हायर करने के लिए इच्छुक है, इसलिए परिवहन विभाग इस स्कीम का दूसरा चरण भी शुरू कर सकता है। मुख्यमंत्री ने राजीव गांधी स्टार्टअप योजना के तहत कुल 680 करोड़ खर्च करने का ऐलान किया है।

इस बदलाव के बाद ई-टैक्सी के लिए आवेदन करने वाले युवाओं की संख्या बढ़ सकती है। क्योंकि अब दसवीं पास युवाओं को भी सात साल का ड्राइविंग एक्सपीरियंस होना जरूरी होगा।

Leave a Reply